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खजुराहो का दूल्हादेव मंदिर अब रात 9 बजे तक रहेगा खुला

 

Chhatarpur News: विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो के पूर्वी समूह का प्रसिद्ध दूल्हादेव मंदिर अब केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही नहीं, बल्कि रात 9 बजे तक भी पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में आदेश जारी कर देशभर के कुछ प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों को देर रात तक खोलने की अनुमति दी है। इसमें खजुराहो का दूल्हादेव मंदिर भी शामिल है।

इस निर्णय से देशी और विदेशी पर्यटकों को लाभ मिलेगा। वे न केवल दिन में, बल्कि शाम और रात के समय भी मंदिर की भव्यता और उसकी कलात्मक नक्काशी को नजदीक से देख सकेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि अंधेरे में रोशनी के बीच इन धरोहरों को देखने का अनुभव बिल्कुल अलग होता है और यह पर्यटन को और बढ़ावा देगा।

मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दूल्हादेव मंदिर खजुराहो के साथ भुवनेश्वर का राजा रानी मंदिर, कुरुक्षेत्र का शेख चिल्ली टेंपल, दिल्ली के हुमायूं और सफदरजंग मकबरे, कर्नाटक का पट्टाडाकल समूह, विजयपुर का गोलगुंबज, महाराष्ट्र का मार्कंडा समूह, वाराणसी का मन महल और गुजरात का रानी की वाव शामिल हैं। इन स्मारकों को प्रथम चरण में रात 9 बजे तक खोले जाने का निर्णय लिया गया है।

खजुराहो का दूल्हादेव मंदिर चंदेल कालीन स्थापत्य कला का अनमोल नमूना है। इसे 950 से 1050 ईस्वी के बीच चंदेल शासकों ने खुड़न नदी के किनारे बनवाया था। यहां बहती नदी के साथ चांदनी रात का दृश्य मंदिर की सुंदरता को और निखार देता है। शरद पूर्णिमा और अन्य विशेष अवसरों पर यहां का नजारा पर्यटकों के लिए अद्भुत अनुभव बन जाता है।

स्थानीय गाइड और पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि रात में मंदिर खोलने से पर्यटकों को ज्यादा समय मिलेगा और यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी। इसका सीधा असर स्थानीय रोजगार और कारोबार पर भी पड़ेगा। होटल, रेस्टोरेंट और परिवहन सेवाओं को अतिरिक्त लाभ मिलेगा, साथ ही विभागीय आय में भी वृद्धि होगी।

पुरातत्व विभाग जबलपुर सर्किल के अधिकारियों ने बताया कि मंदिर को रात 9 बजे तक खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे, ताकि आगंतुक सुरक्षित ढंग से भ्रमण कर सकें। इसमें सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा कर्मी और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।

जल्द ही खजुराहो का यह मंदिर देश के अन्य स्मारकों की तरह पर्यटकों के लिए रात तक खुला रहेगा और शहर के पर्यटन आकर्षण में नई पहचान जोड़ेगा।