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मेडिकल और शिक्षा परियोजनाओं के निर्माण में देरी, मरीज और छात्रों को इंतजार

 

MP News: जिले में मेडिकल और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य देरी का सामना कर रहे हैं। शहर के बरपटी पहाड़ी और मास्ताल उद्योग क्षेत्र के पास 30 एकड़ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। पूरा होने के बाद यहां 150 एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई होगी और गंभीर ऑपरेशन व बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा।

निर्माण कार्य पीआईयू द्वारा संभाला जा रहा है और इसे अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद थी। हालांकि, वन विभाग की जमीन से जुड़ी आपत्तियों के कारण काम कुछ समय के लिए रुका और अब निर्माण अंतिम चरण में है। नए शेड्यूल के अनुसार, कॉलेज 31 दिसंबर 2025 तक पूरा होगा।

टीकमगढ़ जिला अस्पताल में 50 बिस्तर की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का निर्माण भी लंबित है। इससे जिले के गंभीर मरीजों को आधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज मिल सकेगा और रेफर केसों में कमी आएगी। निर्माण कार्य मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। निर्माण में डिज़ाइन और ड्रॉइंग में बार-बार बदलाव के कारण देरी हुई। वर्तमान में लगभग 75% काम पूरा हो चुका है। दीवारों की फिनिशिंग, रैंप, गेट और फर्नीचर का काम शेष है। अब इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

छतरपुर में बुबुंदेलखंड विश्वविद्यालय के लिए 418 एकड़ में नया कैंपस विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में 31 करोड़ रुपए की लागत से अकादमिक और प्रशासनिक भवन, कुलगुरु बंगला और 9 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल का निर्माण हो रहा है। नए परिसर के बनने से कक्षाओं की कमी दूर होगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पीआईयू इस निर्माण कार्य का संचालन कर रही है।

अभी तक अकादमिक और प्रशासनिक भवन का केवल ढांचा तैयार हुआ है। डिजाइन और लेआउट में बदलाव की वजह से निर्माण गति धीमी रही। नई डेडलाइन दिसंबर 2025 तय की गई है, जिससे परियोजना की समय सीमा एक साल बढ़ गई है।

इन सभी परियोजनाओं में देरी के कारण मरीजों, छात्रों और स्थानीय समुदाय को इंतजार करना पड़ रहा है। पूरी तरह से तैयार होने के बाद ये परियोजनाएं शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।