इंदौर में ज्वेलरी शोरूम पर उपयोग हो रहे तौल कांटे की प्रमाणिकता पर उठे सवाल
इंदौर,25 अगस्त( इ खबर टुडे)। इंदौर में सोने के बढ़ते दामों के बीच अब एक नामी ज्वेलरी शोरूम में इस्तेमाल हो रहे तौल कांटे को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। शहर के डीपी ज्वेलर्स में आभूषण खरीदने पहुंचे हाईकोर्ट अधिवक्ता अंशुमान जाट ने आरोप लगाया कि जिस कांटे पर आभूषण का वजन किया जा रहा था, उस पर नाप-तौल विभाग की वैध मुहर और सील नजर नहीं आई। इसके बाद उन्होंने कांटे से जुड़े प्रमाण-पत्र और वैध सील-मुहर के बारे में जानकारी मांगी।
प्रमाण-पत्र मांगने पर नहीं मिला संतोषजनक जवाब
अंशुमान जाट के मुताबिक, शनिवार को आभूषण खरीदने के बाद जब वह वजन कराने पहुंचे तो कांटे पर जरूरी वैधानिक सील-मुहर दिखाई नहीं दी। उन्होंने शोरूम कर्मचारियों से कांटे का प्रमाण-पत्र दिखाने को कहा। साथ ही प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की। उनका कहना है कि काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद न तो प्रबंधक मौके पर पहुंचे और न ही संबंधित प्रमाण-पत्र तत्काल उपलब्ध कराया गया। इसी दौरान शोरूम की ओर से एक व्यक्ति डिब्बे में अलग-अलग सील लेकर पहुंचा और कांटे पर सील लगाने का प्रयास करने लगा। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अंशुमान जाट के साथ मौजूद लोगों ने की।
पुलिस और नाप-तौल विभाग पहुंचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जाट ने पुलिस को सूचना दी। इसके साथ ही नाप-तौल विभाग के निरीक्षक संजय पाटणकर और खेमराज ठाकुर को भी जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और तौल कांटे का निरीक्षण किया। जांच के बाद कांटे को जब्त कर लिया गया है। अब विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
उपभोक्ताओं के हित में जांच की मांग
अंशुमान जाट का कहना है कि उनका मकसद किसी भी प्रतिष्ठान को बदनाम करना नहीं है। उनका कहना है कि जब ग्राहक सोने के लिए बड़ी रकम चुका रहा है तो वजन में पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन होना जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित विभाग निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करे।