अखबार में समोसा-पकौड़ा परोसना पड़ सकता है भारी, FSSAI ने जारी की स्वास्थ्य चेतावनी
- डॉ रत्नदीप पैठणकर
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर या परोसकर बेचना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अखबार की स्याही और प्रिंटिंग में उपयोग होने वाले रसायन भोजन के संपर्क में आने पर मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
भारत में सड़क किनारे मिलने वाले समोसे, पकौड़े, कचौरी, वड़ा पाव तथा अन्य स्नैक्स अक्सर अखबार या मुद्रित कागज में परोसे जाते हैं। FSSAI के अनुसार यह प्रथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। अखबार में प्रयुक्त स्याही में विभिन्न प्रकार के रासायनिक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो गर्म और तैलीय खाद्य पदार्थों के संपर्क में आकर भोजन में मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ऐसे रसायनों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण खाद्य सुरक्षा नियामक ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों, रेस्तरां, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खानपान संस्थानों को खाद्य पदार्थों की पैकिंग एवं सर्विंग के लिए केवल खाद्य-ग्रेड सामग्री का उपयोग करने की सलाह दी है।
FSSAI ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें अखबार या किसी भी मुद्रित कागज में न परोसा जाए। यदि ऐसा किया जाता है तो संबंधित विक्रेता को जागरूक करें और आवश्यक होने पर शिकायत भी दर्ज कराएं।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित भोजन केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी पैकेजिंग और प्रस्तुति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। FSSAI की यह पहल खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।