ट्रंप के टैरिफ से अमेरिकी कंपनियों को घरेलू विकल्पों के सामने नई चुनौती: पेप्सी से मैकडॉनल्ड्स तक
Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद देश में अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। पीएम मोदी और कई अन्य नेताओं ने लोगों से अमेरिकी ब्रांड्स जैसे पेप्सी, कोका-कोला, केएफसी और मैकडॉनल्ड्स का बहिष्कार करने और 'स्वदेशी' को अपनाने की अपील की है। इसके चलते अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में बाजार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
टैरिफ का कारण भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद बताई जा रही है। यह टैरिफ दुनिया के सबसे उच्च टैरिफ में से एक माना जा रहा है। भारतीय नागरिकों ने कई अमेरिकी उत्पादों को खरीदने से परहेज करना शुरू कर दिया है, जिससे इन कंपनियों को बिक्री में गिरावट और बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।
योग गुरु रामदेव ने भी लोगों से अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की और कहा कि यह बहिष्कार इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि अमेरिका में भी हलचल मच जाए। उनका कहना है कि भारत की बड़ी आबादी अगर एकजुट होकर अमेरिकी ब्रांड्स को नजरअंदाज करती है, तो इससे अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी 'स्वदेशी अपनाओ' का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर नागरिक को स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दुनिया में आर्थिक स्वार्थ की राजनीति चल रही है और हर देश केवल अपने हित को देख रहा है।
इस बीच, सांसद अशोक कुमार मित्तल ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा और 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अगर आज 146 करोड़ भारतीय उसी भावना से अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार में शामिल हों, तो इसका असर अमेरिका पर भी पड़ सकता है और भारत की स्थिति मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, ट्रंप के टैरिफ ने भारतीय बाजार में अमेरिकी कंपनियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं, यह स्थिति स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा देने का अवसर भी बन रही है। भारतीय नागरिकों की बढ़ती जागरूकता और स्वदेशी अपनाने की पहल से देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।