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इनकम टैक्स नोटिस से बचें: एक्सपर्ट के आसान और सुरक्षित ITR भरने के तरीके

 

Income Tax: अगर आपकी आय कई स्रोतों से आती है और आपको ITR भरने में दिक्कत हो रही है, तो यह गाइड आपके लिए मददगार है। कई लोग वेतन के अलावा किराये की आय, सावधि जमा पर ब्याज, शेयर और म्यूचुअल फंड से लाभ, लाभांश, फ्रीलांस काम या ऑनलाइन गेमिंग से कमाई करते हैं। इन विभिन्न स्रोतों से आय होने पर ITR भरना थोड़ा जटिल हो सकता है और छोटी गलती भी आयकर विभाग के रिकॉर्ड से मेल न खाने पर नोटिस का कारण बन सकती है।

सबसे आम गलती है सभी आय स्रोतों को सही तरीके से रिपोर्ट न करना। बहुत से लोग बचत खाते या एफडी पर मिलने वाले ब्याज, डिविडेंड, पूंजीगत लाभ या किराये की आय को कम रिपोर्ट करते हैं। लेकिन ये सभी लेनदेन आयकर विभाग को उपलब्ध होते हैं, इसलिए किसी भी चूक से नोटिस आ सकती है।

इनकम टैक्स नोटिस से बचने के लिए सबसे जरूरी है सही और पूरी जानकारी के साथ रिटर्न दाखिल करना। पहला कदम है अपनी आय के प्रकार के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनना। वेतन पर आधारित साधारण आय वाले लोग ITR-1 का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन अगर पूंजीगत लाभ, कई संपत्तियां या विदेशी संपत्ति है तो ITR-2 सही रहेगा। व्यवसाय या पेशे से आय वाले लोग ITR-3 भरेंगे और अनुमानित कराधान वाले मामलों के लिए ITR-4 होता है। गलत फॉर्म भरने से रिटर्न अस्वीकृत हो सकता है या नोटिस मिल सकता है।

दूसरा महत्वपूर्ण कदम है Form 26AS, AIS और TIS में उपलब्ध डेटा के साथ मिलान करना। इनमें TDS, ब्याज, डिविडेंड, पूंजीगत लाभ और संपत्ति लेनदेन जैसी जानकारी होती है। अपने बैंक स्टेटमेंट और निवेश के दस्तावेजों के साथ इन विवरणों की जांच करना जरूरी है। इससे किसी भी छूटी हुई प्रविष्टियों या त्रुटियों का पता चल जाता है।

तीसरा, धारा 80C, 80D या 24(b) जैसी कटौतियों का दावा केवल पूरी दस्तावेज़ीकरण के साथ करें। बिना दस्तावेज़ या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे जांच का आम कारण बन सकते हैं।

आजकल आयकर रिटर्न भरना अधिकतर मिलान और सत्यापन का काम बन गया है। सही ITR फॉर्म में सभी आय स्रोतों को पूरी तरह रिपोर्ट करना और किसी भी असमानता को समय रहते ठीक करना करदाताओं को नोटिस से बचाता है और परेशानी मुक्त अनुपालन सुनिश्चित करता है।

संक्षेप में, सही फॉर्म चुनें, सभी आय स्रोत रिपोर्ट करें, डेटा का मिलान करें और कटौती के दावे के लिए प्रमाण रखें। यह तरीका न केवल आयकर नोटिस से बचाता है बल्कि आपके रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को भी आसान और सुरक्षित बनाता है।