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इंदौर रेलवे स्टेशन का विकास कार्य चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा 18 मीटर चौड़ाई 6 लेन शास्त्री रोड ओवर ब्रिज बनेगा

 

सिंहस्थ 2028 के बाद होंगे प्रमुख कार्य

 

रतलाम/इंदौर,04 जून (इ खबर टुडे ) । यात्रियों की सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास एवं शास्त्री ब्रिज (आरओबी) निर्माण की कार्ययोजना चरणबद्ध रूप से तैयार की गई है। जबकि यातायात एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण, यार्ड रिमॉडलिंग तथा स्टेशन पुनर्विकास के शेष प्रमुख कार्य सिंहस्थ 2028 के उपरांत प्रारंभ किए जाएंगे।

इंदौर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित वर्तमान शास्त्री ओवर ब्रिज लगभग 70 वर्ष पुराना हो चुका है। इसकी सीमित चौड़ाई एवं वर्तमान संरचना के कारण स्टेशन के विस्तार, अतिरिक्त रेल लाइनों के विकास तथा आधुनिक रेलवे अधोसंरचना के निर्माण में तकनीकी बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। साथ ही प्लेटफॉर्म एवं ट्रेनों के बीच अधिक गैप रहता है,जिसे यार्ड रिमॉडलिंग के माध्यम से कम किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

रेलवे बोर्ड द्वारा 18 मीटर चौड़े 6 लेन शास्त्री ओवर ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना रेलवे द्वारा अपने व्यय पर क्रियान्वित की जाएगी। नए ब्रिज के निर्माण से रेलवे स्टेशन के विस्तार, अतिरिक्त रेल लाइनों के विकास, यार्ड रिमॉडलिंग तथा भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। 

सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे द्वारा निर्णय लिया गया है कि नगर निगम, विद्युत विभाग, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों से जुड़े उपयोगिता स्थानांतरण (Utility Shifting), आवश्यक अनुमतियाँ तथा अन्य प्रारंभिक विभागीय कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाएंगे, ताकि सिंहस्थ के उपरांत मुख्य निर्माण कार्य बिना विलंब प्रारंभ किए जा सकें।
 

निर्माण पूर्ण होने के बाद सिंहस्थ 2028 के दौरान इस भवन का उपयोग अतिरिक्त यात्री सुविधा केंद्र के रूप में किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। परियोजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, ताकि यात्रियों एवं आमजन को असुविधा हो तथा सिंहस्थ के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था और रेल सेवाएँ सुचारु रूप से संचालित रह सकें।