वर्ष 2026 अधिक मास वाला साल होगा, जनवरी में शुक्र अस्त होने से कोई मुहूर्त नहीं,देवउठनी एकादशी कब
वर्ष 2025 में अब 11 दिन ही विवाह मुहूर्त बचे हैं, जबकि नए साल 2026 में 81 दिन विवाह मुहूर्त रहेंगे। देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को है। इस दिन मांगलिक कार्य तो शुरू होंगे, परंतु सूर्य के तुला राशि में होने की वजह से विवाह मुहूर्त एकादशी के बाद 21 नवंबर से शुरू होंगे। गत वर्ष 72 दिन ही विवाह की शहनाइयां बजी थीं।
वर्ष 2026 अधिक मास वाला साल होगा। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इसमें हिंदी मास के 12 की बजाय 13 महीने होंगे। वजह यह है कि इस साल में दो ज्येष्ठ माह होंगे। ज्येष्ठ माह 2 मई से 29 जून तक यानी 59 दिन का रहेगा। पं. भंवरलाल शर्मा के अनुसार इसमें अधिकमास का बढ़ा हुआ महीना 17 मई से 15 जून तक की अवधि में होगा। इसके पहले 2018 में दो ज्येष्ठ और 2023 में दो सावन माह हुए थे। खास बात यह है कि नए साल 2026 के पहले ही माह जनवरी में शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं है।
वर्ष 2025 के विवाह मुहूर्त
माह
विवाह मुहूर्त (तारीख)
दिन
नवंबर
21-25, 29, 30
7दिन
दिसंबर
1, 4, 5, 6
4 दिन
वर्ष 2026 के विवाह मुहूर्त
फरवरी
4-8, 10-16
12 दिन
मार्च
3-14
12 दिन
अप्रैल
15, 20, 21, 25-30
9 दिन
मई
1, 3-9, 12, 13, 14
11 दिन
जून
19-30
12 दिन
जुलाई
1, 2, 6-8, 11, 12
7 दिन
नवंबर
20, 21, 24-27, 30
7 दिन
दिसंबर
1-6, 9-13
11 दिन
नोटः सर्वाधिक विवाह मुहूर्तः फरवरी-मार्च में सामूहिक विवाह : 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया