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कंधे व गर्दन का दर्द हो जाएगा चुटकियों में खत्म, अपनाएं यह तरीका

कंधे व गर्दन का दर्द हो जाएगा चुटकियों में खत्म, अपनाएं यह तरीका
 

उन्नत प्रोद्यौगिकी के युग में रहते हैं और आज मोबाइल फोन दुनिया भर में सबसे व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य में, निजी संबंधों से लेकर व्यापार तक मोबाइल उपकरणों ने मूलतः पूरे विश्व को बदल दिया है, लेकिन इनके व्यापक उपयोग या दुरुपयोग ने जीवनशैली में विभिन्न खतरों को उजागर किया है।

 उदाहरण के तौर पर यदि आप यह लेख अपने मोबाइल में पढ़ रहे हैं तो आपके दोनों हाथ मुड़े होंगे और सिर झुका हुआ है, आपकी पीठ मुड़ी हुई है और गर्दन आगे की तरफ झुकी हुई है। हो सकता है आप अपनी इस स्थिति के प्रति अनभिज्ञ हों, पर यही स्थिति आपके दर्द को बढ़ाने में सहायक है। उपचारकर्ता इस स्थिति को टेक्स्ट नेक कहते हैं।

टेक्सट नेक एक प्रकार से जीवनशैली है। यह अधिक लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट या फिर ई बुक का उपयोग करने व झुक कर बैठने के कारण होता है। इस स्थिति के कारण ही गर्दन व पीठ में दर्द होता है। 

साधारण स्थिति में जब मनुष्य के कान, कंधों के ठीक ऊपर होते हैं तो सिर का वजन 4.5 किलोग्राम होता है। एक ईंच भी गर्दन को आगे करने पर यह वजन रीढ़ की हड्डी पर दोगुना पड़ता है। तो यदि आप स्मार्ट फोन को अपनी गोद में रखकर देख रहे होते हैं तो अंदाजन 10 से 14 किलो वजन रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। रीढ़ की हड्डी पर पड़ता यह निरंतर दबाव बेहद ज्यादा होता है और आपको असंतुलित करने के लिए काफी है।

पीठ व गर्दन की मजबूती और लचक शरीर को अनचाहे तनाव से मुक्त करती है। यहां पर कुछ योगा आसन व व्यायाम बताए जा रहे हैं जो कि आपकी कमर व गर्दन को मजबूती देंगे और लचक प्रदान करेंगे। इन आसनों का निरंतर अभ्यास आपको मोबाइल से पीठ व गर्दन पर पड़ने वाले तनाव से दूर रखेगा और आप अंततः अपने मोबाइल पर प्रेम पूर्वक बाते कर पाएंगे व किसी को आसानी से मेसेज भेज पाएंगे।

कानों को खींचना और मसाज करना

अपने दोनों कानों को धीरे-धीरे ऊपर से नीचे तक हल्का-हल्का दबाएं। दोनों कानों को पकड़कर बाहर की तरफ खींचें और धीरे-धीरे क्लॉक वाइज़ व ऐटि क्लॉक वाइज़ दिशा में हल्के-हल्के घुमाएं। इससे आपके कान के आस-पास का तनाव कम होगा और आपको आराम मिलेगा।

भुजाओं को खींचना

अपनी दोनों भुजाओं को अपने सिर के ऊपर कीजिए, ताकि हाथ की हथेलियां आकाश की तरफ रहें। भुजाओं को थोड़ा और ऊपर खींचें। अब अपनी भुजाओं को कंधों के समानांतर फैला लीजिए और हाथ की हथेलियों व उंगलियों को ऊपर-नीचे व दाएं-बाएं करें। इससे आपके हाथों और कंधों को आराम मिलेगा।

कंधों को घुमाना

अपने हाथों को कंधों के समानांतर कर लीजिए। अब अंगूठे से छोटी उंगली के निचले भाग को छूएं। अब कंधों को क्लॉक वाइज़ व ऐटि क्लॉक वाइज़ दिशा में घुमाएं।

हथेलियों को दबाना

हाथ की हथेलियों को अपनी छाती के पास लेकर आएं। कंधों को स्थिर रखते हुए हाथ की हथेली से छाती पर दबाव डालें। अब हाथ को बदल लें और दूसरे हाथ से इस स्थिति को करें।

कोहनी से आठ बनाना

अपने दोनों हाथों को अपनी छाती के सामने ले आइए। दोनों हाथों को उंगलियों को एक-दूसरे से बांध लीजिए। अब दोनों हाथों के कंधों व कोहनियों से आठ की आकृति बनाइए।

कंधों में खिंचाव लाना

अपने दाएं हाथ को अपने सिर पर रखिए और बाएं हाथ से बाएं घुटने को कस कर पकड़िए। अब दाएं हाथ को सिर के ऊपर से नीचे कूल्हों तक अच्छे से घुमाएं। इसे कई बार करें।

अंगूठों को दबाना

अपने दोनों हाथों के अंगूठे को छाती के बिल्कुल सामने लेकर आएं। अब उन्हें दोनों दिशाओं में कई बार घुमाएं। दोनों हाथों की अंगुलियों को दबाएं और छोड़ें, इस प्रक्रिया को कई बार करें। हालांकि, दर्द को दूर करने के लिए ऊपर दिए योगाभ्यास काफी हैं।