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 शोध में सामने आए शिलाजीत के स्वास्थ्य लाभ, वैज्ञानिकों ने बताए संभावित फायदे

 

 आलेख 

आयुर्वेद में हजारों वर्षों से उपयोग किए जाने वाले शिलाजीत को लेकर हाल के वर्षों में वैज्ञानिक समुदाय की रुचि लगातार बढ़ रही है। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में शिलाजीत के संभावित स्वास्थ्य लाभों पर शोध किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिलाजीत में पाए जाने वाले फुल्विक एसिड, ह्यूमिक पदार्थ और विभिन्न खनिज तत्व शरीर की कई जैविक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

हाल ही में प्रकाशित शोधों के अनुसार, शिलाजीत ऊर्जा उत्पादन, शारीरिक सहनशक्ति और रिकवरी में सहायक भूमिका निभा सकता है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि शिलाजीत में मौजूद बायोएक्टिव यौगिक कोशिकाओं में ऊर्जा निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को समर्थन दे सकते हैं, जिससे थकान कम करने में मदद मिल सकती है।

शोधकर्ताओं ने पुरुष स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक कार्यक्षमता और स्वस्थ उम्र बढ़ने (Healthy Aging) के क्षेत्र में भी शिलाजीत के संभावित प्रभावों का अध्ययन किया है। प्रारंभिक निष्कर्षों में हार्मोनल संतुलन, मानसिक प्रदर्शन और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिणामों की पुष्टि के लिए बड़े पैमाने पर और अधिक क्लिनिकल अध्ययन आवश्यक हैं।

विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि केवल शुद्ध, प्रमाणित और गुणवत्ता-परीक्षित शिलाजीत का ही उपयोग किया जाना चाहिए। बाजार में उपलब्ध निम्न गुणवत्ता या अप्रमाणित उत्पादों में भारी धातुओं और अन्य अशुद्धियों का जोखिम हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शिलाजीत पर बढ़ता वैज्ञानिक शोध पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रहा है। आने वाले वर्षों में इसके स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को लेकर और अधिक प्रमाण-आधारित जानकारी उपलब्ध होने की संभावना है।

नोट: शिलाजीत कोई औषधि नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य पूरक का उपयोग करने से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

रत्नदीप पेढ़न्कर (नई दिल्ली)