मध्यप्रदेश : स्कूलों में शुरू हुआ स्कूल चलें हम अभियान

मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल चलें हम अभियान की शुरुआत की है। भोपाल के शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी में खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान की शुरुआत की है।
राज्य स्तरीय इस कार्यक्रमों में इस अभियान की शुरुआत की गई। अरेरा कॉलोनी के शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया गया है। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्र उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।
स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया। यहां नए प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
85 लाख बच्चे पढ़ रहे 92 हजार स्कूलों में
मध्यप्रदेश में लगभग 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्राइमरी, मिडल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे पढ़ते हैं। सभी बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के पोर्टल 3.0 पर आनलाइन दर्ज की जाती है। इसे स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम प्रणाली कहा जाता है। एजुकेशन पोर्टल पर स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।
पाठ्य सामग्री भी वितरित की
प्रत्येक जिले में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय स्तर पर विधायक, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें व अन्य सामग्री भी वितरित की गई। शिक्षा विभाग ने इस बार ऐसी व्यवस्था की है कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक स्तर की शुरुआत के समय ही बच्चों को पुस्तकें मिल जाएं। जिला शिक्षा अधिकारी समेत सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे बच्चों को चिहि्न्त किया जाए और उनका नामांकन स्कूलों में करवाया जाए। एक अप्रैल से सभी शालाओं में पहले से आठवीं कक्षा तक बालसभा का आयोजन शुरू कर दिया है।